नेपाल से चले नगर कीर्तन का कल शाम को 5 बजे गुरुद्वारा गुरु का ताल पर आगमन

नेपाल से चले नगर कीर्तन का कल शाम को 5 बजे गुरुद्वारा गुरु का ताल पर आगमन आगरा।550 साला प्रकाश पर्व पर विभिन्न हिस्सो से निकाले जा रहे नगर कीर्तन की श्रंखला में काठमांडू( नेपाल) से निकला जा रहा है नगर कीर्तन का कल शाम 5 बजे लखनऊ से एक्सप्रेस वे होकर आगरा में आगमन होगा।रात्रि पड़ाव गुरुद्वारा गुरु के ताल पर होगा।जहा से दिल्ली होकर सुल्तान पुर लोदी (पंजाब) की ओर रवाना होंगे। उल्लेखित है 550 साला प्रकाश पर्व पर सबसे बड़ा आयोजन यही होगा।जहा पर करीब 2 करोड़…

देश का सबसे बड़ा सर्वे: बलात्कारी होता पुरुष-बच्चा-बूढ़ा व् मर्द कहलाने वाला इंसान

आज आप को यह आँखे खोलने वाला लेख पड़ना ही पड़ेगा बलात्कार पुरुष और हमारा उज्ज्वल समाज की अगली दास्तान #किसीकोभीबलात्कारकेलिएबताएगीतोतेरीबदनामीहोगी… दसवीं में पढ़ने वाले चार लड़के अपनी ही क्लास की एक लड़की का बारी-बारी से बलात्कार करते हैं। बाद में उसे ऊपर लिखी लाइन कह कर वहाँ से चले जाते हैं। यह गैंगरेप एक बोर्डिंग स्कूल की कैंपस में होता है । लड़की बदनामी की डर से गैंगरेप वाली बात किसी को भी नहीं बताती। पिरीयड मिस होने के बाद उसे लगता है कि कहीं वो प्रैगनेंट तो नहीं,…

हर साल 17 सितंबर को ही क्यों मनाते हैं विश्‍वकर्मा पूजा, जानिए पूजा विधि और महत्‍व

हिंदू धर्म में भगवान विश्वकर्मा को निर्माण और सृजन का देवता माना जाता है। उन्हें दुनिया का सबसे पहला इंजीनियर भी कहा जाता है। अपनी शिल्‍प कला के लिए मशहूर भगवान विश्‍वकर्मा सभी देवताओं में आदरणीय हैं। हिंदू धर्म में भगवान विश्वकर्मा को निर्माण और सृजन का देवता माना जाता है। उन्हें दुनिया का सबसे पहला इंजीनियर भी कहा जाता है। अपनी शिल्‍प कला के लिए मशहूर भगवान विश्‍वकर्मा सभी देवताओं में आदरणीय हैं। पौराणिक मान्‍यताओं के अनुसार विश्‍वकर्मा सृष्टि के रचयिता ब्रह्मा के सातवें धर्म पुत्र हैं। वास्तुकला के…

नई दिल्ली: 13 सितंबर से शुरू हो रहा है पितृ पक्ष, जानें इसका महत्व

नई दिल्ली: 13 सितंबर से पितृ पक्ष शुरू हो रहे हैं. हिंदू धर्म में माता-पिता को ईश्वर तुल्य माना गया है, मृत्यु के बाद माता-पिता के उद्धार के लिए श्राद्ध किया जाता है. श्राद्ध करने के लिए भाद्रपद पूर्णिमा से आश्विन कृष्णपक्ष अमावस्या तक का समय निर्धारित किया गया है. इन 16 दिनों को ही पितृ पक्ष कहा जाता है. इन दिनों में हिंदू धर्म के अनुयायी अपने पूर्वजों को भोजन और जल अर्पित करते हैं. अपने पूर्वज पितरों के प्रति श्रद्धा भावना रखते हुए पितृ पक्ष एवं श्राद्ध कर्म…

कामिका एकादशी: पितरों के कष्ट भी हो जाते हैं दूर-बिगड़े कार्य बनाता है यह व्रत

भगवान कृष्ण ने धर्मराज युधिष्ठिर को एकादशी का धार्मिक महत्व बताते हुए कहा था कि जिस तरह नागों में शेषनाग, पक्षियों में गरुड़, देवताओं में श्री विष्णु, वृक्षों में पीपल तथा मनुष्यों में ब्राह्मण श्रेष्ठ हैं, उसी प्रकार सम्पूर्ण व्रतों में एकादशी श्रेष्ठ है. श्रावण मास में आने वाली कृष्ण पक्ष एकादशी को कामिका एकादशी कहा जाता है। कामिका एकादशी को भगवान विष्णु का उत्तम व्रत माना जाता है। सावन माह में आने के कारण इस एकादशी का महत्व और बढ़ जाता है। इस व्रत में भगवान विष्णु के साथ…

सावन सोमवार व्रत करते समय इन नियमों का करें पालन

सावन में भगवान शिव की पूजा और व्रत का विशेष महत्व है। सावन के पहले सोमवार से ही कई लोग व्रत की शुरुआत करते हैं। भोलेनाथ की पूजा और आराधना करने से वैवाहिक जीवन में सुख और शांति आती है। यह महीना शिव की आराधना के लिए सर्वोत्तम माना गया है। सावन में शिवलिंग की पूजा को महत्वपूर्ण बताया गया है। शिवलिंग पर जल चढ़ाने के साथ-साथ बेल पत्र भी चढ़ाया जाता है। इस साल सावन का पहला सोमवार 22 जुलाई को है। इस दिन भगवान शिव की विधि पूर्वक…

सावन का पहला सोमवार 22 जुलाई से

अगर आप भी सोच रहे हैं कि 2019 में सावन कब है या साल 2019 में सावन कब से शुरू हो रहा है, तो आपको बता दें कि इस साल 17 जुलाई से सावन का महीना शुरू हो रहा है. सावन का पहला सोमवार 22 जुलाई को और सावन का अंतिम दिन 15 अगस्त को होगा. सावन का महीना शुरू हो गया है. बस लोगों को इतजार है तो मानसून के आने का. दिल्ली में जहां बादल हल्के बरस कर लोगों को तरसा रहे हैं. सावन में शिव भक्त आराधना…

12 जुलाई: देवशयनी एकादशी अद्भुद अलौकिक दिव्य

हिन्‍दू कैलेंडर के अनुसार आषाढ़ मास के शुक्‍ल पक्ष की एकादशी को देवशयनी एकादशी कहा जाता है। ग्रेगोरियन कैलेंडर के अनुसार यह एकादशी हर साल जुलाई महीने में आती है। इस बार देवशयनी एकादशी 12 जुलाई को है। कहते हैं भगवान श्री हरि विष्णु क्षीरसागर में शयन करते हैं और चार माह बाद उन्हें उठाया जाता है। चार महीने बाद देवउठान एकादशी के दिन गवान श्री हरि विष्णु उठेंगे। इस चार महीने के दौरान कोई भी शुभ कार्य नहीं किए जाते हैं। चार महीने बाद देवउठान एकादशी से सभी मंगल…

जुलाई 04 : पुण्यतिथि है स्‍वामी विवेकानंद की:-जाने यह दिव्य अलौकिक विचरा आप का जीवन बदल देंगे

नई दिल्ली: महान दार्शनिक स्‍वामी विवेकानंद की आज पुण्यतिथि है. 39 वर्ष की उम्र में 4 जुलाई 1902 को उनका निधन हो गया था. स्‍वामी विवेकानंद का जन्म 12 जनवरी 1863 को कलकत्ता में हुआ था. स्‍वामी विवेकानंद का वास्तविक नाम नरेन्द्र नाथ दत्त था. स्‍वामी विवेकानंद  ने न सिर्फ भारत के उत्‍थान के लिए काम किया बल्‍कि लोगों को जीवन जीने की कला भी सिखाई. स्‍वामी विवेकानंद  का जीवन बड़ा ही संघर्षमयी था. मात्र 25 साल की उम्र में अपने गुरु से प्रेरित होकर उन्‍होंने सांसारिक मोह-माया त्‍याग दी और…

क्या आप भी नहीं खाते जमीं पर बैठकर खाना-जाने क्या फायदे है

ज़मीन पर बैठकर खाना खाने के फायदे – आपने अक्सर ही घर के बड़े-बुजुर्गों को ये कहते सुना होगा कि अपने वक्त में तो हम ज़मीन पर बैठकर ही खाना खाया करते थे, उसकी तो बात ही कुछ और थी। आपने भी कभी किसी धार्मिक प्रसंग में या कभी कहीं और, ज़मीन पर बैठकर खाना खाया होगा लेकिन ये आपकी रोज़ की आदतों में शुमार नहीं होगा। वैसे इसमें ग़लती आपकी भी नहीं है, आजकल के ज़माने में शायद ही कोई फैमिली ऐसी होगी जहां लोग ज़मीन पर बैठकर खाना…