कार्तिक शुक्ल नवमी-23 नवंबर को है आंवला नवमी ऐसे करें पूजा

ऊं नमो भगवते वासुदेवाय नमः जानिए कब है आंवला नवमी ? ऐसे करें पूजा कार्तिक शुक्ल नवमी अक्षय या आंवला नवमी कहलाती है। इस दिन स्नान, पूजन, तर्पण तथा अन्न आदि के दान से अक्षय फल की प्राप्ति होती है। इस दिन महिलाएं आंवला के पेड़ के नीचे बैठकर संतान की प्राप्ति व उसकी रक्षा के लिए पूजा करती हैं। आंवला नवमी के दिन आंवला के पेड़ के नीचे बैठकर भोजन करने की भी प्रथा है। इस दिन भगवान विष्णु के प्रिय आंवले के पेड़ की पूजा करने का विधान…

आज दिवाली पर इस शुभ महासंयोग में महा लक्ष्मी करेंगी धन वर्षा

स बार दीपावली पर महासंयोग बन रहा है। तीन ग्रहों का दुर्लभ संयोग और छोटी-बड़ी दीवाली एक साथ। ज्योतिषाचार्यों की मानें तो यह दुर्लभ संयोग 1521 में बना था जो हमको शनिवार को उपलब्ध होगा। दीप पर्व पर गुरु ग्ह अपनी स्वराशि धनु और शनि अपनी स्वराशि मकर में रहेगा। लक्ष्मी जी का स्व: ग्रह शुक्र कन्या राशि में होगा। लक्ष्मी पूजन के समय स्वाति नक्षत्र होगा। इन ग्रहों के संयोग से दिवाली सुख शांति समृद्धि प्रदान करेगी लेकिन स्वास्थ्य के प्रति सभी को अभी सचेत रहना होगा।   बड़ी…

आज-धनतेरस: की शाम सिर्फ 27 मिनट ही है पूजा का अति शुभ मुहूर्त-जानिए पूजा विधि

धनतेरस 13 नवंबर (शुक्रवार) यानी आज मनाया जा रहा है। इस साल 13 नवंबर की शाम 7 बजकर 50 मिनट से चतुर्दशी लगने के कारण धनतेरस के दिन नरक चतुर्दशी भी मनाई जाएगी। यही कारण है कि इस साल धनतेरस को ज्यादा खास माना जा रहा है। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, इस साल पूजा का अति शुभ मुहूर्त 27 मिनट का बन रहा है। जो कि शाम 5 बजकर 32 मिनट से शुरू होकर 5 बजकर 59 मिनट तक रहेगा। धनतेरस पूजा विधि- 1. सबसे पहले चौकी पर लाल रंग का…

दीपावली पूजन विधि एवं महत्त्व – मुख्य दीपावली पूजन दीपावली का शुभ मुहूर्त

14 नवंबर को चतुर्दशी तिथि पड़ रही है जो दोपहर 1:16 तक रहेगी. इसके बाद अमावस तिथि का आरंभ हो जाएगा जो 15 नवंबर की सुबह 10:00 बजे तक रहेगी. हालांकि, 15 तारीख को केवल स्नान दान की अमावस्या की जाएगी. गौरतलब है कि लक्ष्मी पूजा संध्याकाल या रात्रि में दिवाली में की जाती है. गृहस्थों के लिए पूजा का श्रेष्ठ मुहूर्त प्रदोष काल सायं 5 बजकर 24 मिनट से रात्रि 8 बजकर 06 तक प्रदोष काल मान्य रहेगा। इसके मध्य रात्रि 7 बजकर 24 मिनट से सभी कार्यों में…

रमा एकादशी आज-जानें शुभ मुहूर्त-पूजा विधि और व्रत कथा

आज रम्भा एकादशी के दिन केशव की पूजा करने से और व्रत करने से व्यक्ति को उत्तम लोक की प्राप्ति होती है। इस व्रत को करने से मन और शरीर दोनों स्वस्थ रहते हैं | जानिए शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और व्रत कथा। आज कार्तिक कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि और बुधवार का दिन है | एकादशी तिथि आज देर रात 12 बजकर 41 मिनट तक रहेगी | कार्तिक कृष्ण पक्ष की एकादशी को ‘रम्भा’ या ‘रमा’ एकादशी के नाम से जाना जाता है। ये एकादशी दिवाली के ठीक चार…

नई दिल्ली:13 नवंबर को देशभर में धनतेरस-जान लें पूजा विधि-महत्व और मुहूर्त

इस साल इस साल 13 नवंबर को देशभर में धनतेरस (Dhanteras 2020) का त्योहार मनाया जाएगा. इस दिन भगवान धन्वंतरि , कुबरे और मां लक्ष्मी की पूजा-अर्चना की जाती है. धनतेरस हर साल कार्तिक मास के तेरस यानि की 13वें दिन मनाया जाता है. (Dhanteras 2020) का त्योहार मनाया जाएगा. इस दिन भगवान धन्वंतरि , कुबरे और मां लक्ष्मी की पूजा-अर्चना की जाती है. धनतेरस हर साल कार्तिक मास के तेरस यानि की 13वें दिन मनाया जाता है. नई दिल्ली: इस साल 13 नवंबर को देशभर में धनतेरस (Dhanteras 2020)…

शुभ मुहूर्त-करवा चौथ: की पूजा के ये हैं कुछ नियम

करवा चौथ का पर्व कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को मनाया जाता है। यह व्रत महिलाएं अपनी पति की लंबी आयु की कामना के लिए रखती हैं। इस व्रत में महिलाएं पूरे दिन निर्जला रहती हैं और शाम को चांद के उदय होने के बाद व्रत खोलती हैं। इस व्रत में शिव परिवार सहित चंद्र देवता की भी पूजा की जाती है। इस व्रत में कुछ नियम हैं, जिनका पालन जरूर किया जाना चाहिए 1.इस व्रत में कहीं सरगी खाने का रिवाज है, तो कहीं नहीं है। इसलिए…

आज है शरद पूर्णिमा-मां लक्ष्मी को प्रसन्न करने के लिए इस शुभ मुहूर्त में करें पूजा

शरद पूर्णिमा 30 अक्टूबर, 2020 (शुक्रवार) यानी आज है। शरद पूर्णिमा (कोजागिरी लक्ष्मी पूजा) आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा को मनाया जाता है। हिंदू मान्यताओं के अनुसार, शरद पूर्णिमा (कोजागिरी पूर्णिमा) को कौमुदी यानी मूनलाइट में खीर को रखा जाता है। इस दिन शाम को मां लक्ष्मी का विधि-विधान से पूजन किया जाता है। मान्यता है कि सच्चे मन ने पूजा- अराधना करने वाले भक्तों पर मां लक्ष्मी कृपा बरसाती हैं। जानें क्यों किया जाता है शरद पूर्णिमा व्रत- एक पौराणिक कथा के अनुसार, एक साहूकार की दो…

दुर्गा पूजा के पांचवे दिन-पंचम दुर्गा श्री स्कंदमाता

स्कन्द माता कथा  दुर्गा पूजा के पांचवे दिन देवताओं के सेनापति कुमार कार्तिकेय की माता की पूजा होती है. कुमार कार्तिकेय को ग्रंथों में सनत-कुमार, स्कन्द कुमार के नाम से भी पुकारा गया है. माता इस रूप में पूर्णत: ममता लुटाती हुई नज़र आती हैं. माता का पांचवा रूप शुभ्र अर्थात श्वेत है. जब अत्याचारी दानवों का अत्याचार बढ़ता है तब माता संत जनों की रक्षा के लिए सिंह पर सवार होकर दुष्टों का अंत करती हैं. माता का स्वरूप : ———————- देवी स्कन्दमाता की चार भुजाएं हैं, माता अपने…

आइये अब जानते है कि हम नवदुर्गा स्वरूप माता चंद्रघंटा के विषय मे जाने

आइये अब जानते है कि हम नवदुर्गा स्वरूप माता चंद्रघंटा के विषय मे जाने…. . प्रातः चिंतन या देवी सर्वभूतेषु शक्तिरूपेण संस्थिता। नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:।। जो देवी समस्त प्राणियों में शक्तिरूप से स्थिति हैं उन माँ जगदम्बा को नमस्कार है.. नमस्कार है.. नमस्कार है.. नाबरात्री अनुष्ठान चंद्रघंटा पूजा: प्रातः नित्य समय पर आपके नवरात्रि अनुष्ठान अंतर्गत मां को शुद्ध जल और पंचामृत से स्नान कराएं.. अलग अलग तरह के फूल..अक्षत.. कुमकुम.. सिन्दूर.. अर्पित करें.. केसर दूध से बनी मिठाइयों या खीर का भोग लगाएं.. मां को सफेद कमल.. लाल…