अन्नदान का महत्व बताता है यह पावन व्रत

माघ माह को मोक्ष दिलाने वाला माना जाता है। माघ माह में हर दिन पवित्र माना जाता है लेकिन एकादशी का विशेष महत्व है। माघ माह में कृष्ण पक्ष की एकादशी षटतिला एकादशी कहलाती है। इस दिन तिल का छह प्रकार से उपयोग किया जाता है। इस कारण इसे षटतिला एकादशी कहा जाता है। षटतिला एकादशी बताती है कि अन्नदान सबसे बड़ा दान है। इस व्रत में मन को शुद्ध रखें।  माघ मास में शरद ऋतु चरम पर होती है और इस मौसम में तिलों का महत्व बढ़ जाता है।…

शनिवार को करें ये उपाय-चमक जाएगी आपकी किस्मत-बरसेगा धन

आज साल 2021 के फरवरी महीने का पहला शनिवार है। मान्यता के मुताबिक आज दिन शनिदेव का होता है। माान्यता के मुताबिक शनिदेव की नियमानुसार पूजा और व्रत करने से उनकी खास कृपा बरसती है और सारे दुख खत्म हो जाते हैं। शास्त्रों में शनिदेव (Shani Dev) को न्याय का देवता कहा गया है। नाराज होने से राजा को रंक बना देते हैं तो खुश होने पर भक्तों पर कृपा बरसाते हैं। शनिदेव को खुश करना आसान नहीं हैं। लेकिन सच्ची निष्ठा और पवित्र ह्रदय से किए गए काम से शनिदेव प्रसन्न…

सभी देवी-देवताओं में देवी का नाम प्रथम आता है जैसे सीता-राम, लक्ष्मी-नारायण, तो फिर शिव-पार्वती में शिव का नाम प्रथम क्यों आता है?

सभी देवी-देवताओं में देवी का नाम प्रथम आता है जैसे सीता-राम, लक्ष्मी-नारायण, तो फिर शिव-पार्वती में शिव का नाम प्रथम क्यों आता है? बहुत प्यारा सवाल है वेसे में इतना नहीं जानती परंतु शिव के प्रति मेरी श्रद्धा मुझे इस सवाल के जवाब को देने को प्रेरित कर रही है जितना मेरा ज्ञान है उसी अनुसार जवाब दे रही हु जी सही कहा सभी मे मात्र शक्ति का नाम पहले आता है परंतु भोले नाथ और शिव मे शिव का उचारण पहले आता है तो इसका जवाब यह है की…

मकर संक्रांति 14 जनवरी 2021: सफलता के नए रास्ते खोलें सूर्य पूजा से

हिंदू धर्म में त्यौहारों की तारीख तय करने के लिए चंद्रमा की स्थिति को ध्यान में रखा जाता है। इसलिए अक्सर कई बार त्योहारों की तारीख और पूजा के शुभ मुहूर्त को लेकर लोग असमंजस में पड़ जाते हैं। फिलहाल नए साल की शुरुआत के साथ ही कुछ दिनों में लोहड़ी और मकर संक्रांति का त्यौहार मनाया जाएगा। लेकिन हर साल मकर संक्रांति की सही तारीख को लेकर उलझन की स्थिति होती है कि मकर संक्रांति का त्यौहार 14 जनवरी को मनाया जाएगा या 15 जनवरी को। ज्योतिषीय गणनाओं के…

घर में पितरों की तस्वीर किस दिशा में लगाने से पितृदोष नहीं लगता?

दक्षिण और पश्चिम की दीवारों पर भी नहीं लगाना चाहिए, ऐसा करने से समृद्धि की हानि होने लगती है. – पितरों का फोटो को कभी भी जीवित लोगों के साथ नहीं लगाना चाहिए यह काफी अशुभ माना जाता है. … – पितरों की फोटो को हमेशा उत्तर दिशा की दिवारों में लगाना सही माना जाता है. ताकि उनकी दृष्टि दक्षिण की ओर पड़े. अपने पूर्वजों के चित्र यहां न लगाएं वरना होगा बुरा, जानिए 5 बातें घर में अपने मृतकों के चित्र कहां लगाएं और कहां नहीं लगाएं इस संबंध में वास्तु शास्त्र में स्पष्ट उल्लेख मिलता है। गलत स्थान पर चित्र लगाने का बुरा असर होता है।…

800 साल बाद आसमान में आज दिखेगा अदभूत नजारा, जानें- गुरु और शनि के ‘महामिलन’

 आज आसमान में अदभूत घटना घटने जा रही है। बादल न छाए तो चांदनी रात में चांद के आसपास दो और सितारों का  खूबसूरत महामिलन देखने लायक होगा। आज गुरु ग्रह और शनि ग्रह का आकाशमंडल में मिलन होगा। सबसे बड़े ग्रह बृहस्पति और शनि एक दूसरे के निकट दिखाई देंगे। इससे पहले 17 जुलाई 1623 के बाद इस दिन इतने करीब होंगे कि दोनों के मध्य दूरी मात्र 0.1 डिग्री की रह जएगी। इन्हें नंगी आखों से भी देखा जा सकता है और दूरबीन या टेलीस्कोप से भी। आप…

Surya Grahan 2020: आज लग रहा है साल का आखिरी सूर्यग्रहण, जानें क्या बरतें सावधानी

आज यानि कि 14 दिसंबर को साल का आखिरी सूर्य ग्रहण लगने जा रहा है. ये सूर्यग्रहण दक्षिण अमेरिका, साउथ अफ्रीका और प्रशांत महासागर के कुछ हिस्सों में दिखेगा पर भारत में यह नजर नहीं आएगा. नई दिल्ली: आज यानि कि 14 दिसंबर को साल का आखिरी सूर्य ग्रहण लगने जा रहा है. ये सूर्यग्रहण दक्षिण अमेरिका, साउथ अफ्रीका और प्रशांत महासागर के कुछ हिस्सों में दिखेगा पर भारत में यह नजर नहीं आएगा. हालांकि इससे होने वाले अच्‍छे-बुरे असर लोगों को प्रभावित करेगा. सूर्य ग्रहण के समय उसकी किरणें…

भगवान श्रीकृष्ण के आठ विवाह और उनके अस्सी पुत्रों की कथा

भगवान श्रीकृष्ण के आठ विवाह और उनके अस्सी पुत्रों की कथा पुराणों के अनुसार श्री कृष्ण ने 8 स्त्रियों से विवाह किया था जो उनकी पटरानियां बानी थी। ये थी – रुक्मिणी, जाम्बवती, सत्यभामा, कालिन्दी, मित्रविंदा, सत्या(नाग्नजिती), भद्रा और लक्ष्मणा। प्रत्येक पत्नी से उन्हें 10 पुत्रों की प्राप्ति हुई थी इस तरह से उनके 80 पुत्र थे। आज हम आपको श्री कृष्ण की 8 रानियों और 80 पुत्रों के बारे में बताएँगे। 1. रुक्मिणी- विदर्भ राज्य का भीष्म नामक एक वीर राजा था। उसकी पुत्री का नाम रुक्मिणी था। वह…

सभी दुखों का अंत करने वाला है यह पावन व्रत-इसी दिन उत्पन्न हुईं माता एकादशी

मार्गशीर्ष माह में कृष्ण पक्ष की एकादशी को उत्पन्ना एकादशी कहा जाता है। इस व्रत को सभी दुखों का अंत करने वाला व्रत माना जाता है। एकादशी देवी का जन्म भगवान विष्णु से हुआ। उत्पन्ना एकादशी के दिन ही एकादशी माता प्रकट हुईं, इसलिए यह दिन उत्पन्ना एकादशी नाम से जाना जाता है। एकादशी व्रत को सिर्फ उत्पन्ना एकादशी से ही शुरू कर सकते हैं। इस व्रत का प्रभाव देवताओं के लिए भी दुर्लभ माना जाता है। इस व्रत में विधि विधान से भगवान श्री हरि विष्णु की उपासना करने…

कार्तिक शुक्ल नवमी-23 नवंबर को है आंवला नवमी ऐसे करें पूजा

ऊं नमो भगवते वासुदेवाय नमः जानिए कब है आंवला नवमी ? ऐसे करें पूजा कार्तिक शुक्ल नवमी अक्षय या आंवला नवमी कहलाती है। इस दिन स्नान, पूजन, तर्पण तथा अन्न आदि के दान से अक्षय फल की प्राप्ति होती है। इस दिन महिलाएं आंवला के पेड़ के नीचे बैठकर संतान की प्राप्ति व उसकी रक्षा के लिए पूजा करती हैं। आंवला नवमी के दिन आंवला के पेड़ के नीचे बैठकर भोजन करने की भी प्रथा है। इस दिन भगवान विष्णु के प्रिय आंवले के पेड़ की पूजा करने का विधान…