दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच: CFSL की रिपोर्ट में हुआ खुलासा शरजील इमाम की आवाज-भड़काऊ भाषणों से मेल खाती है

जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय के छात्र शारजील इमाम की आवाज जामिया मिलिया इस्लामिया और अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) में पिछले साल उनके द्वारा दिए गए कथित देशद्रोही भाषणों के वीडियो से मेल खाती है। हिन्दुस्तान टाइम्स के हाथ लगी केंद्रीय फोरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला (CFSL) की रिपोर्ट में इस बात का खुलासा हुआ है।

दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने शनिवार को कोर्ट में एक रिपोर्ट सौंपी है, जिसमें भाषणों का वीडियो और ट्रांसक्रिप्ट भी शामिल है। सीएफएसएल का निष्कर्ष शरजील इमाम के खिलाफ केस में साक्ष्य का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। आपको बता दें कि शरजील पर जामिया और एएमयू के परिसरों पर भड़काऊ भाषण देने के आरोप हैं, जो कि पिछले साल 13 और 15 दिसंबर को जामिया के बाहर हुई हिंसा के कारण थे।

पुलिस ने शरजील इमाम के खिलाफ देशद्रोह (भारतीय दंड संहिता 124A) का मामला दर्ज किया था और नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA) का विरोध करते हुए सड़कों को अवरुद्ध करने और आवश्यक आपूर्ति में बाधा पहुंचाने का भी आरोप लगाया था।

शरजील ने वॉयस सैंपल देने से किया था इनकार
सीएफएसएल की जांच पर आधारित दिल्ली पुलिस की रिपोर्ट में कहा गया है कि शरजील इमाम के आवाज उन भाषणों से मेल खाती है, जो एएमयू और जामिया में दिए गए थे। पुलिस के मुताबिक, शरजील ने पहले सैंपल देने से मना किया था, लेकिन कोर्ट ने 12 फरवरी को ऐसा करने का आदेश दिया था।

आपको बता दें कि रिपोर्ट में “संभावित” शब्द का इस्तेमाल किया गया है। दिल्ली पुलिस ने अदालत में कहा है कि सीएफएसएल के रिजल्ट यह सिद्ध करने के लिए प्रयाप्त है कि 13 और 15 दिसंबर को शरजील द्वारा वास्तव में भाषण दिए गए थे।

दिल्ली पुलिस के पूर्व अतिरिक्त आयुक्त अशोक चंद ने कहा कि “संभावित” एक तकनीकी भाषा है, जिसका उपयोग वैज्ञानिक अधिकारी करते हैं। वॉयस सैंपल में कुछ एंबियंट नॉइज़ रहे होंगे, इसीलिए रिपोर्ट “संभावित मैच” कहती है। उन्होंने कहा कि अगर यह मेल नहीं खाता तो सीएफएसएल स्पष्ट रूप से उल्लेख किया होता कि नमूने मेल नहीं खाते और रिपोर्ट नकारात्मक है।

शरजील के वकील बोले- निर्थक हैं ये बातें
वहीं शरजील के वकील अहमद इब्राहिम ने कहा, ‘ये बातें निरर्थक हैं। फरवरी में शरजील ने पटियाला हाउस कोर्ट को एक हाथ से लिखित आवेदन दिया था, जहां उन्होंने मजिस्ट्रेट को सूचित किया था कि उनकी आवाज को संशोधित किया गया था और उन्हें भाषण से कुछ वाक्य बोलने के लिए कहा गया था। अदालत ने शिकायकत को संज्ञान में लिया था और परीक्षण के दौरान इस पर विचार करेगी। इसलिए इन बातों से कोई फर्क नहीं पड़ेगा। चार्जशीट की कॉपी मिलते ही हम जमानत की अर्जी दाखिल करेंगे।’

शरजील को बिहार से किया गया था गिरफ्तार
जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय के छात्र शरजील इमाम को 28 जनवरी को दिल्ली और बिहार पुलिस की संयुक्त टीम ने बिहार के जहानाबाद में उनके घर से गिरफ्तार किया था। उनकी गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने कहा था कि वे जामिया परिसर में कथित हिंसा के लिए शरजील की संलिप्तता की जांच करेंगे। चार्जशीट में पुलिस ने कहा है कि शरजील ने नए नागरिकता कानून के तथ्यों को गलत तरीके से प्रस्तुत किया और इसे दिल्ली में विभिन्न कॉलोनियों और मस्जिदों में व्यापक रूप से प्रकाशित किया। साथ ही लोगों को जुटाने के लिए भड़काऊ भाषण भी दिए।

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