डोनाल्ड ट्रंप ने दिए संकेत: अमेरिका में लग सकता है TikTok पर प्रतिबंध

अमेरिका के राष्ट्रपति ने शुक्रवार (31 जुलाई) को एक बार फिर इस बात के संकेत दिए कि वे चीनी एप टिकटॉक पर प्रतिबंध लगा सकते हैं। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि टिकटॉक के अलावे उनके पास दूसरे विकल्प भी है, जिस पर सोच-विचार किया जा रहा है। अमेरिका में टिकटॉक पर प्रतिबंध लगाने के कदम ने भारत में जून महीने में इस संबंध में लिए गए फैसले के बाद गति पकड़ ली है।

उन्होंने कहा, “हम टिकटॉक के मामले को देख रहे हैं और हम टिकटॉक पर प्रतिबंध लगा सकते हैं। हो सकता है कि हम कुछ दूसरी चीजें भी करें। हमारे पास कुछ और भी विकल्प हैं, लेकिन हम टिकटॉक के संबंध में बहुत सारे विकल्पों पर गौर कर रहे हैं।”

विदेश मंत्री माइक पोम्पिओ ने एक डिजिटल बैठक में इकोनॉमिक क्लब ऑफ न्यूयॉर्क में कहा था, “भारतीयों ने फैसला किया कि वे भारत में चल रही 50 या उससे अधिक चीनी ऐप्स को हटाने जा रहे हैं। उन्होंने ऐसा इसलिए नहीं किया कि अमेरिका ने उनसे ऐसा करने को कहा था। उन्होंने ऐसा इसलिए किया क्योंकि वे चीन की कम्युनिस्ट पार्टी से भारतीय लोगों को होने वाले खतरे को देख सकते थे।” जुलाई महीने की शुरुआत में पोम्पिओ ने कहा था कि अमेरिका टिकटॉक पर प्रतिबंध लगा सकता है।

व्हाइट हाउस पहले ही कर चुका है इशारा
व्हाइट हाउस ने भी बीते 15 जुलाई को इस तरफ इशारा किया था कि टिकटॉक समेत चीनी मोबाइल ऐप्स पर कोई फैसला महीनों में नहीं, बल्कि कुछ हफ्तों के भीतर लिया जा सकता है। व्हाइट हाउस के चीफ ऑफ स्टाफ मार्क मीडोज ने अटलांटा से राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ एयर फोर्स वन विमान से उड़ान भरते समय पत्रकारों से कहा था, ‘मुझे नहीं लगता कि कार्रवाई के लिए खुद से कोई समयसीमा तय की गई है लेकिन मुझे लगता है कि इस पर फैसला कुछ हफ्तों में होगा न कि महीनों में।’ मीडोज ने कहा था, “कई प्रशासनिक अधिकारी हैं जो राष्ट्रीय सुरक्षा के खतरे पर विचार कर रहे हैं क्योंकि यह टिकटॉक, वीचैट और अन्य ऐप से जुड़ा है जिससे राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरा हो सकता है खासतौर से यह एक विदेशी दुश्मन द्वारा अमेरिकी नागरिकों की सूचना एकत्रित करने से जुड़ा है।”

रिपब्लिकन सांसद लिख चुके हैं राष्ट्रपति ट्रंप को पत्र
प्रभावशाली 24 रिपब्लिकन सांसदों ने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से बीते 15 जुलाई को टिकटॉक और अन्य चीनी मोबाइल ऐप्स पर प्रतिबंध लगाने का अनुरोध करते हुए कहा था कि भारत ने राष्ट्रीय सुरक्षा चिंताओं के कारण 60 चीनी ऐप्स को प्रतिबंधित करने का असाधारण कदम उठाया है। चीन की कम्युनिस्ट पार्टी से जुड़े टिकटॉक और अन्य सोशल मीडिया मंचों पर प्रतिबंध लगाने की प्रशासन की कोशिशों का समर्थन करते हुए सांसदों ने ट्रंप को लिखे पत्र में आरोप लगाया कि इन लोकप्रिय ऐप्स की डेटा एकत्रित करने की प्रक्रिया चीन के उन सख्त साइबर सुरक्षा कानूनों से जुड़ी है जिसमें चीन में काम कर रही सभी कंपनियों जिनमें टिकटॉक की मूल कंपनी बायटेडांस भी शामिल हैं, उन्हें सीसीपी अधिकारियों के साथ उपभोक्ता के डेटा साझा करने पड़े हैं जो कि अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा है। सांसदो ने ट्रंप को लिखा, ‘हम आपके प्रशासन से अमेरिकी लोगों की निजता और सुरक्षा की रक्षा करने के लिए निर्णायक कार्रवाई करने का अनुरोध करते हैं।’

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