भारतीय-अमेरिकी विवेक मूर्ति को कोविड-19 सलाहकार बोर्ड के तीन अध्यक्षों में से एक

भारतीय-अमेरिकी विवेक मूर्ति को कोविड-19 सलाहकार बोर्ड के तीन अध्यक्षों में से एक के रूप में चुना गया है, जो महामारी से निपटने में राष्ट्रपति-निर्वाचित जो बाइडन को सलाह देंगे।

वाशिंगटन: भारतीय-अमेरिकी विवेक मूर्ति को कोविड-19 सलाहकार बोर्ड के तीन अध्यक्षों में से एक के रूप में चुना गया है, जो महामारी से निपटने में राष्ट्रपति-निर्वाचित जो बाइडन को सलाह देंगे। यह महामारी अमेरिका में 2,36,000 लोगों की जान ले चुकी है। डॉ. मूर्ति (43) पूर्व में अमेरिका के ‘सर्जन जनरल’ रह चुके हैं। वह अपने दो अन्य सह-अध्यक्षों- डॉ. डेविड केसलर और डॉ. मार्सेला नुनेज स्मिथ के साथ घातक विषाणु पर बाइडन और उपराष्ट्रपति-निर्वाचित कमला हैरिस को सलाह देने वाले अग्रणी जनस्वास्थ्य विशेषज्ञों की टीम का नेतृत्व करेंगे।

अमेरिका इस समय दुनिया में कोविड-19 से सर्वाधिक प्रभावित है। बाइडन ने कहा, ‘‘कोरोना वायरस महामारी से निपटना हमारे प्रशासन के समक्ष सर्वाधिक महत्वपूर्ण लड़ाइयों में से एक होगा, और विशेषज्ञ मुझे सलाह देंगे।’’

मूर्ति अमेरिका के 19वें ‘सर्जन जनरल’ थे। उन्होंने 2014 से 2017 तक इस पद पर कार्य किया। केसलर 1990 से 1997 तक अमेरिका के फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन के आयुक्त रह चुके हैं। वहीं, नुनेज स्मिथ येल यूनिवर्सिटी में इंटरनल मेडिसिन की सहायक प्रोफेसर हैं।

सलाहकार बोर्ड के सदस्यों में भारतीय मूल के अतुल गवांदे, लुसियाना बोरियो, रिक ब्राइट, एजेकील एमैन्युएल, सेलाइन गाउंडर, जूली मोरिटा, मिशेल ओस्टरहोम, लॉयस पेस, रॉबर्ट रॉड्रिग्ज और एरिक गूस्बी शामिल हैं।

मूर्ति का जन्म इंग्लैंड में बसे कर्नाटक के अप्रवासी परिवार में हुआ था। परिवार 1978 में न्यूफाउंडलैंड चला गया जहां उनके पिता ने मेडिकल प्रैक्टिशनर के तौर पर काम किया। आखिरकार परिवार मियामी में स्थानांतरित हो गया। मूर्ति ने हार्वर्ड यूनिवर्सिटी से बायोकेमिकल साइंस की पढ़ाई की। उन्होंने याले स्कूल ऑफ मेडिसिन और याले स्कूल ऑफ मैनेजमेंट से एमडी और एमबीए की डिग्री हासिल की।

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