ब्रह्म और व्रज योग में मनेगी मकर संक्रांति, चार महासंयोग का मिलन बना देगा इस दिन को बेहद खास

Makar Sankranti 2022 : इस बार मकर संक्रांति पर चार महासंयोग का मिलन हो रहा है। इसे काफी शुभ माना जा रहा है। खास यह भी कि 14 जनवरी नहीं शनिवार 15 जनवरी को मकर संक्रांति मनायी जाएगी। भगवान सूर्यदेव का धनु से मकर राशि में प्रवेश होगा। सूर्य दक्षिणायण से उत्तरायण हो जाएंगे। खरमास समाप्त हो जाएगा। इसी के साथ ही मांगलिक कार्य शुरू हो जाएंगे।

ज्योतिषशास्त्र के जानकार पं. मोहन कुमार दत्त मिश्र बताते हैं कि मकर संक्रांति पर ब्रह्म, व्रज, बुध और अदित्य का समागम हो रहा है। खास यह भी कि मकर संक्रांति का वाहन शेर है, जो शुभफलदायक माना जा रहा है। सर्वार्थ सिद्धि योग तथा अश्विनी नक्षत्र का स्वामी भी मंगल है। सूर्य धनु राशि से मकर राशि में 14 जनवरी 2022 की रात्रि 8 बजकर 34 मिनट पर प्रवेश करेंगे। निर्णय सिंधु के हवाले से पं. मिश्र बताते हैं कि मकर संक्रांति का पुण्यकाल, स्नान एवं दान 15 जनवरी को है। शनिवार का दिन रहने के कारण दही-चूड़ा के साथ ही खिचड़ी का स्वाद भी लोग चखेंगे। खरमास खत्म होगा तो 18 जनवरी से शादी की शहनाइयां बजने लगेंगी।

स्नान-दान का खास महत्व :

  • सोहसराय हनुमान मंदिर के पुजारी पं. सुरेन्द्र दत्त मिश्रा बताते हैं कि मकर संक्रांति पर स्नान व दान का विशेष महत्व है। इस दिन गंगा स्नान को काफी शुभ माना गया। इसी दिन से धर्म मास माघ भी शुरू होगा। सूर्य के उत्तरायण होने से काफी प्रखरता आ जाती है। ठंड के बाद गर्म होने से चर्म रोग होने की संभावना रहने से तिल का सेवन किया जाता है। तिल से चर्म रोग का खतरा कम हो जाता है। तिल तैलीय होता है, जिससे शरीर निरोग रहता है।

 

करें दान तो होगा पुण्य:

  • मकर संक्रांति पर गंगास्नान के बाद तिल,गुड़,चूड़ा-दही, खिचड़ी, वस्त्र, लकड़ी और अग्नि दान अति फलदायी होती है। मकर संक्रांति पर स्नान और दान करने पर उसका फलाफल जन्मजन्मांतर तक मिलता रहता है।

शुभ संयोग होने से दान, स्नान और जप करने का महत्व और भी बढ़ जाता है। पंडित हर्षवर्धन ने बताया कि मकर संक्रांति की शुरुआत रोहणी नक्षत्र के दौरान हो रही है। रोहणी नक्षत्र 14 जनवरी को शाम 08 बजकर 17 मिनट तक रहेगा। संक्रांति पर रोहिणी नक्षत्र के साथ ब्रह्मयोग और मित्र शुभ योग बन रहा है। दोपहर 2.28 बजे से अपराहन काल में पुण्यकाल होगा। इस बार संक्रांति में पशुधन विकास योजना, पशुपालकों की सुविधा, डेयरी फार्म दुग्ध उत्पादक पक्ष के लिए सुयोग हैं, वहीं नक्षत्र के अनुसार धर्म उपदेशक, कथावाचक, व्याख्याता, लेखक, पत्रकार, शिक्षक के लिए सुखद है। शेयर बाजार, उद्योगपति, वैश्य, आयात-निर्यातक कुछ कष्टदायक है। धान्य, गल्ला समभाव रहेंगे, वहीं सुगंधित पदार्थ, गर्म मसाला, सौंठ, तंबाकू, चाय, रोली-चंदन, केसर, दाना मेथी, सरसों, हल्दी, दाल, चना, चांदी, सोना के भाव तेज रहेंगे।

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