सुशांत सिंह राजपूत मामले में- ED के बाद CBI की तरफ बढ़ेगा मामला! मिले संकेत

सुशांत सिंह राजपूत मामले में ED अपनी कार्रवाई कर रही है। वहीं इस बीच कुछ ऐसे संकेत मिल रहे हैं। जिससे इस केस को CBI को सौंपने की उम्मीद जताई जारही है। वहीं इस मामले में ऐसी उम्मीद भी जताई जा रही है कि केस की छानबीन करने पर इसमें फिल्मी दुनिया और अंडरवर्ल्ड का कनेक्शन भी खुलकर सामने आ सकता है। हाल ही में आया बिहार के सीएम नीतीश कुमार का बयान इस केस की सीबीआई जांच की ओर इशारा करता है।

सुशांत सिंह की मौत के मामले में बिहार सरकार और महाराष्ट्र की सरकार आमने- सामने है। महाराष्ट्र सरकार कहती है कि इस मामले में सीबीआई जांच की जरूरत नहीं है। वहीं बिहार की मुख्यमंत्री ने ऐलान कर दिया है कि अगर एक्टर के पिता चाहेंगे तो सीबीआई जांच इस मामले में बिहार सरकार कराएगी।

यहां ये जानना जरूरी है कि सीबीआई जांच किसी केस में तभी होती है, जब राज्य सरकार जांच की सिफारिश कर या फिर सुप्रीम कोर्ट हाइकोर्ट सीबीआई जांच के आदेश दे।

सुशांत सिंह की मौत मुम्बई में हुई है। मुम्बई पुलिस में इसकी जांच हो रही है। इस केस का जुरिसडिक्शन यानी न्यायिक अधिकार क्षेत्र भी मुम्बई पुलिस का बनता है। मुम्बई पुलिस की अब तक कि जांच इस निष्कर्ष पर है कि ये सुसाइड का मामला है, और इसमें किसी दूसरी एजेंसी का जांच की जरूरत नहीं है।  महाराष्ट्र के गृहमंत्री भी ये कह चुके हैं कि इस केस में सीबीआई जांच की जरूरत नहीं है।

इस बीच बिहार पुलिस ने इस मामले में शुशांत सिंह के पिता के के  सिंह की शिकायत पर मामला दर्ज कर लिया है। और जांच भी तेजी से शुरू कर दी गई है।

यहां ये सवाल उठता है कि क्या इस मामले में बिहार पुलिस का जुरीडिक्शन  यानी अधिकार क्षेत्र बनता है, मामला दर्ज करने का। क्योंकि सुशांत सिंह के साथ ठगी हुई या नहीं , उनपर किसी ने दबाव बनाया या नहीं, ये बताने के लिए सुशांत अब दुनिया में नहीं है।  ऐसे में जब  पीड़ित सामने नहीं है तो उसकी जगह परिवार की शिकायत पर बिहार पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। जबकि  घटना पटना में नही हुई है, मुम्बई में हुई है।  और मुम्बई पुलिस पहले ही जांच कर रही है।

हालांकि परिवार की शिकायत पर पटना में मामला दर्ज  हो सकता है लेकिन जीरो  एफआईआर के रूप में। वहीं बिहार में दर्ज FIR मुम्बई पुलिस में मर्ज हो जाती और लगे आरोपों को मुम्बई पुलिस अपनी जांच में शामिल कर सकती है। सामान्य तौर पर पुलिस केस में और जांच पड़ताल में यही होता है। लेकिन इस केस में उल्टा हो  रहा है। जहां वारदात हुई वहां जांच धीमी है। और जहां वारदात नहीं हुई जो केस के जुरिसडिक्शन में नहीं है वहां बहुत तेजी से जांच आगे बढ़ रही है।

बिहार पुलिस की टीम मुम्बई जाकर बहुत तेजी से अपनी जांच में जुटी है। बिहार पुलिस को मुम्बई पुलिस की जांच में सहयोग भी नहीं मिल पा रहा है।  फिर भी बिहार पुलिस इस केस में मुम्बई में डेरा डाले हुए है।

इस बीच आनन फानन में सुशांत सिंह के केस में बैंक खातों में हेराफेरी की बात मीडिया में आने लगी, सुशांत की गर्लफ्रैंड रिया चक्रवर्ती पर आरोप लगने लगे । जैसे ही वित्तीय घोटाले की बात सामने आई ,प्रवर्तन निदेशालय ने बिहार पुलिस से  इस केस की FIR की कॉपी मांगी। और बहुत जल्द बिहार पुलिस में दर्ज FIR के आधार पाए इस मामले में हवाला कानून के तहत ईडी ने केस दर्ज कर लिया है।

अब बात सीबीआई जांच की 

जब एक ही केस में दो पुलिस थाने जांच कर रहे हों और दोनों की फाइंडिंग अलग अलग हो, तो केस का खराब होना तय है। क्योंकि अदालत में ऐसे केस टिक नहीं पाते।

जांच में बहुत सारा कंफ्यूजन हो जाता है। मुम्बई पुलिस की थ्योरी कुछ और होगी, बिहार पुलिस की कुछ और। ऐसे स्थिति में केस फंसता, उलझता चला जाता है और एक मजबूत स्थिति बन जाती है केस को सीबीआई में ट्रांसफर करने के लिए। हालांकि बिहार सरकार अपने अधिकार का इस्तेमाल करते हुए सीबीआई जांच की सिफारिश कर सकती है। जिससे कि ये केस CBI को ट्रांसफर हो जाए

अगर ऐसा होता है तो आने वाले समय में फिल्म अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की मौत की जांच में केंद्र सरकार की दो एजेंसिया लग जाएंगी। वित्तीय गड़बड़ी की जांच के लिए प्रवर्तन निदेशालय ने जांच शुरू कर दी है। मौत की वजह की गुत्थी सुलझाने के लिए सीबीआई सामने आ सकती है।

फिल्म अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की मौत में दो अहम सवाल का जवाब लोग जानना चाहते हैं। क्या बहुत बड़ा कोई वित्तीय घोटाला इस केस में हुआ है? और दूसरा आखिर सुशांत के आत्महत्या करने की असली वजह क्या थी?

अब सवाल उठता है कि क्या सुशांत सिंह के केस में वाकई कोई बहुत बडा वित्तीय घोटाला हुआ है, जिसके लिए प्रवर्तन निदेशालय यानी ईडी जैसी एजेंसी की जांच की जरूरत है?

मौत की गुत्थी पर सीबीआई की जांच ये तय करेगी कि आत्महत्या करने की वजह क्या थी।  एबेटमेंट तो सुसाइड यानी धारा 309 का केस बनता भी है तो उसे अदालत में साबित करना लगभग नामुमकिन होता है। सीबीआई भी ये बात अच्छी तरह से जानती है। 309 के केस का क्या हाल होता है ये सभी जांच एजेंसियां जानती है।

लेकिन इस केस से फिल्म अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत  की मौत की गुत्थी सुलझे  या न सुलझे, लेकिन इस केस के जरिए वो तमाम किरदार सामने आ सकते हैं जो अभी बेनकाब नहीं हुए हैं।

इस केस के जरिये फिल्मी दुनिया का अंडरवर्ल्ड कनेक्शन सामने आ सकता है। बड़े नेताओं का कनेक्शन बेनकाब हो सकता है। फि इंडस्ट्री को कंट्रोल करने वाले बड़े गैंग इस केस के जरिये सामने आ सकते हैं।

यानी कि सीबीआई और ईडी जैसे एजेंसी के लिए इस केस में काम करने के बहुत सारे अवसर मौजूद है।

 

 

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