मजे से ले रहा था सिगरेट का कश, शर्ट में पकड़ी आग और चली गई जान

सिगरेट से मौत होती है और कई बार यह तत्काल मौत का सबब बन जाता है. दिल्ली में सोमवार को ऐसा ही एक वाकया देखने को मिला, जब एक बुजुर्ग की इस कारण जान चली गई. पुलिस ने बताया कि 72 वर्षीय प्रॉपर्टी डीलर जयचंद बिधूड़ी धूम्रपान कर रहे थे, इसी दौरान उनके कपड़ों में आग लग गई. आग बढ़ने के कारण जलने से उनकी मौत हो गई. यह घटना दक्षिणपूर्वी दिल्ली के तुगलकाबाद इलाके की है. पुलिस ने बताया कि कमरे से धुंआ निकलते देख घरवाले उस दिशा में दौड़े लेकिन कमरा अंदर से बंद था. उनके अनुसार जब दरवाजा तोड़ा गया तो बिधूड़ी का शरीर बुरी तरह जल गया था.

उनके शरीर पर पानी डाला गया लेकिन कोई लाभ नहीं हुआ. बुजुर्ग को नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने बिधूड़ी को मृत घोषित कर दिया. पुलिस को संदेह है कि धूम्रपान के दौरान उनके कपड़ों में आग लगी होगी.

देश में 27 करोड़ लोग तंबाकू या उसके उत्पादों का सेवन करते हैं
कैंसर के उपचार के लिए प्रसिद्ध सरकारी टाटा मेमोरियल अस्पताल ने तंबाकू के विरूद्ध लड़ाई को राष्ट्रहित में जारी रखने की घोषणा करते हुए कहा है कि देश में तंबाकू और सिगरेट के सेवन से हर वर्ष 12 लाख लोगों की असमय मौत हो रही है और देश की अर्थव्यवस्था को एक लाख करोड़ रुपए का नुकसान हो रहा है. टाटा मेमोरियल अस्पताल के निदेशक (अकादमिक) डॉ. कैलाश शर्मा ने कहा कि एक अनुमान के अनुसार देश में 27 करोड़ लोग तंबाकू या उसके उत्पादों का सेवन करते हैं और हर वर्ष इससे होने वाली बीमारियों से 12 लाख लोगों की मौत हो जाती है. सिर्फ सिगरेट के सेवन से सालाना तीन लाख लोगों की मौत होती है.

उन्होंने कहा कि इसके विरूद्ध जारी लड़ाई को खुफिया विभाग की एक रिपोर्ट में भारत में आर्थिक अस्थिरता के लिए अंतरराष्ट्रीय षडयंत्र बताया गया है जिसको लेकर उनके संस्थान ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, गृह मंत्री राजनाथ सिंहए स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जेपी नड्डा व राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल को पत्र भेज कर इस पर नाराजगी जताई है.

उन्होंने कहा कि एक सरकारी अस्पताल होने के नाते टाटा मेमोरियल तंबाकू के विरूद्ध अभियान चलाता है और इसके लिए कई स्तर पर कानूनी लड़ाई भी चल रही है. उनके संस्थान की याचिका पर ही तंबाकू उत्पादों के पैकेट पर 85 प्रतिशत सचित्र चेतावनी छापी जा रही है. टाटा मेमोरियल अस्पताल समान विचारधारा वाले संगठनों के साथ मिलकर तंबाकू के खिलाफ अभियान को जारी रखे हुए हैं और तंबाकू उत्पाद बनाने वाली लॉबी से उनका सामना हो रहा है.
इनपुट: भाषा

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