राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में टमाटर का खुदरा दाम 80 से 85 रुपये प्रति किलोग्राम

देश को लगा महंगाई का तड़का, टमाटर गुस्से से हुआ लाल

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में टमाटर का खुदरा दाम 80 से 85 रुपये प्रति किलोग्राम की ऊंचाई पर पहुंच गया है. निजी व्यापारियों के अनुसार उत्पादक क्षेत्रों से आपूर्ति कम रहने की वजह से टमाटर महंगा हो रहा है.

दिल्ली: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में टमाटर का खुदरा दाम 80 से 85 रुपये प्रति किलोग्राम की ऊंचाई पर पहुंच गया है. निजी व्यापारियों के अनुसार उत्पादक क्षेत्रों से आपूर्ति कम रहने की वजह से टमाटर महंगा हो रहा है. टमाटर के दाम जून से मजबूत बने हुए हैं. पिछले कुछ सप्ताह के दौरान टमाटर के दाम किस्म के हिसाब से 50 से 60 रुपये किलो पर चल रहे हैं.

व्यापारियों ने बताया कि उत्पादक क्षेत्रों से नई फसल की आवक कम रहने की वजह से इस सप्ताह टमाटर के दाम और चढ़ गए हैं. शनिवार को दिल्ली में गुणवत्ता और विभिन्न इलाकों के हिसाब से टमाटर 80 से 85 रुपये किलो बिक रहा था. हालांकि, सरकारी आंकड़ों के अनुसार दिल्ली में टमाटर का खुदरा दाम 60 रुपये किलो है. मदर डेयरी के सफल आउटलेट पर टमाटर 78 रुपये किलो बिक रहा है.

ई-कॉमर्स कंपनी ग्रोफर्स टमाटर 74 से 75 रुपये किलो और बिग बास्केट 60 रुपये किलो बेच रही है. एशिया की सबसे बड़ी थोक फल एवं सब्जी मंडी आजादपुर में टमाटर का दाम 40 से 60 रुपये किलो चल रहा है. आजादपुर मंडी के पीपीए टोमैटो एसोसिशन के अशोक कौशिक ने कहा कि उत्पादक क्षेत्रों से कम आपूर्ति की खबरों से टमाटर के दाम चढ़ रहे हैं.

विशेषज्ञों का कहना है कि लॉकडाउन के चरण में किसानों को टमाटर एक-दो रुपये किलो के भाव पर बेचना पड़ा था. कौशिक ने कहा कि फसल को हुए नुकसान तथा बारिश की वजह से अड़चनों से नई फसल की आवक प्रभावित हुई है. उत्तर प्रदेश, राजस्थान, झारखंड, पंजाब, तमिलनाडु, केरल, जम्मू-कश्मीर और अरुणाचल प्रदेश में इस बार टमाटर का उत्पादन प्रभावित हुआ है. आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार देश में टमाटर का सालाना उत्पादन 1.97 करोड़ टन और खपत 1.51 करोड़ टन की है.

 

डीजल के दाम बढ़ने से सब्जियों के परिवाहन की लागत बढ़ी
कारोबारियों की माने तो सब्जियों के दाम में फिलहाल गिरावट आने की गुंजाइश नहीं है क्योंकि बरसात के दौरान फसल खराब होने के कारण आवक कम हो रही है. इस हफ्ते आलू के थोक दाम में भी वृद्धि दर्ज की गई. चैंबर ऑफ आजादपुर फ्रूट्स एंड वेजीटेबल्स एसोसिएशन के प्रेसीडेंट एम. आर. कृपलानी ने कहा कि एक तो बरसात के कारण सब्जियों की आवक कम हो रही है, वहीं डीजल की कीमतों में वृद्धि होने से सब्जियों और फलों के परिवहन की लागत बढ़ गई है जिसका असर कीमतों में देखा जा रहा है. उन्होंने कहा कि मौजूदा हालात में फलों और सब्जियों की कीमतों में गिरावट की गुंजाइश नहीं दिख रही है.

महंगी आ रही हैं सब्जियां, बारिश से खराब भी हो रही हैं सब्जियां
ग्रेटर नोएडा के खुदरा सब्जी विक्रेता रायदास ने कहा कि सब्जियों के दाम में हुई वृद्धि से कभी-कभी घाटा उठाना पड़ता है. उन्होंने कहा कि सब्जियां महंगी आ रही है और बरसात के कारण खराब भी ज्यादा हो रही है, जिससे नुकसान झेलना पड़ता है. सात जून से पेट्रोल और डीजल की कीमतों में वृद्धि का सिलसिला शुरू हुआ. हालांकि पेट्रोल की कीमत बीते एक पखवाड़े से स्थिर है लेकिन डीजल के दाम में शुक्रवार को भी वृद्धि दर्ज की गई जिससे जून से लेकर अब तक देश की राजधानी दिल्ली में डीजल कीमत करीब 12 रुपये लीटर बढ़ गई है.

दिल्ली-एनसीआर में शुक्रवार को सब्जियों के खुदरा दाम (रुपये प्रति किलो)
आलू-30-35, गोभी-70-80, टमाटर-60-80, प्याज-25-30, लौकी/घिया-30, भिंडी-30-40, खीरा-40-50, कद्दू-30, बैगन-60, शिमला मिर्च-80, तोरई-30-40, करैला-50-60, फलियां-70-80, परवल-60,

जून के पहले पखवाड़े में दिल्ली एनसीआर में सब्जियों के खुदरा दाम (रुपये प्रति किलो)
आलू-20-25, गोभी-30-40, टमाटर-20-30, प्याज-20-25, लौकी/घिया-20, भिंडी-20, खीरा-20, कद्दू-10-15, बैगन-20, शिमला मिर्च-60, तोरई-20, कैरला-15-20.

 

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