यरुशलम विवाद: तुर्की में ओआईसी सम्मेलन

इस्लामाबाद: पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शाहिद खाकान अब्बासी इस हफ्ते तुर्की की राजधानी में यरुशलम के मुद्दे पर इस्लामिक सहयोग संगठन (ओआईसी) के शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे. पाकिस्तान के विदेश कार्यालय ने सोमवार (11 दिसंबर) को बताया कि इस्तांबुल में 13 दिसंबर को होने वाले इस शिखर सम्मेलन से पहले विदेश मंत्रियों के परिषद की बैठक होगी जिसमें पाकिस्तान के विदेश मंत्री ख्वाजा आसिफ शिरकत करेंगे. विदेश मंत्रालय ने कहा, ‘‘यह असाधारण सम्मेलन तुर्की के राष्ट्रपति ने ओआईसी शिखर सम्मेलन के अध्यक्ष के तौर पर बुलाया है. ओआईसी के ज्यादातर सदस्यों के उसमें पहुंचने की संभावना है.’’

उसने बताया कि सम्मेलन में यरुशलम को इजरायल की राजधानी के रुप में मान्यता देने और अमेरिकी दूतावास तेल अवीव से यरुशलम स्थानांतरित करने के अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के हाल के फैसले पर चर्चा होगी. ओआईसी संयुक्त राष्ट्र के बाद दूसरा बससे बड़ा अंतर-सरकारी संगठन है. उसमें 57 मुस्लिम देश सदस्य हैं. पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय के मुताबिक ओआईसी के नेता इस स्थिति से निबटने के तौर तरीके ढूढेंगे.

इससे पहले तुर्की के राष्ट्रपति रजब तैयब एर्दोआन ने रविवार (10 दिसंबर) को इजरायल को ‘आतंकी राष्ट्र’ बताया और यरुशलम को उसकी राजधानी के रूप में मान्यता देने के अमेरिका के फैसले से ‘हर तरह से मुकाबला करने’ का संकल्प जताया. एर्दोआन ने सिवास में अपने संबोधन के दौरान कहा, ‘फिलिस्तीन बिना किसी गुनाह के पीड़ा झेल रहा है…जहां तक इजरायल का सवाल है, वह एक आतंकी राष्ट्र है, जी हां, आतंकी !’ उन्होंने कहा, ‘हम यरुशलम को एक ऐसे राष्ट्र की रहम पर नहीं छोड़ेंगे जो बच्चों की जान लेता है.’ यरुशलम को इजरायल की राजधानी के रूप में मान्यता देने के अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के इस फैसले के बाद एर्दोआन का यह बयान सामने आया है. इस फैसले को लेकर फिलिस्तीनियों में आक्रोश एवं मुस्लिम एवं अरब देशों में विरोध देखने को मिल रहा है.

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