दिसंबर महीने में इस तारीख को है गुरु और शुक्र प्रदोष व्रत, जानिए क्या है महत्व

साल में कुल 24 प्रदोष व्रत पड़ते हैं. हिंदू धर्म में प्रदोष व्रत का बहुत अधिक महत्व होता है.  प्रदोष व्रत पर विधि-विधान से भगवान शंकर की पूजा-अर्चना करने से व्यक्ति की सभी मनोकामनाएं पूरी हो जाती हैं.

नई दिल्ली: Pradosh Vrat : पंचाग में हर माह दो प्रदोष व्रत आते हैं. एक कृष्ण पक्ष में और दूसरा शुक्ल पक्ष में पड़ने वाला प्रदोष व्रत. प्रदोष व्रत भगवान शंकर को समर्पित है. त्रयोदशी तिथि पर प्रदोष व्रत रखा जाता है. हर माह की त्रयोदशी के दिन प्रदोष व्रत रखा जाता है. मार्गशीर्ष माह के शुक्ल पक्ष का प्रदोष व्रत 16 दिसंबर, गुरुवार के दिन पड़ रहा है. गुरुवार होने के कारण इसे गुरु प्रदोष व्रत कहा जाएगा. आइए जानते हैं दिसंबर में प्रदोष व्रत कब है, मुहूर्त और महत्व के बारे में.

साल में कुल 24 प्रदोष व्रत पड़ते हैं। हिंदू धर्म में प्रदोष व्रत का बहुत अधिक महत्व होता है.  प्रदोष व्रत पर विधि-विधान से भगवान शंकर की पूजा-अर्चना करने से व्यक्ति की सभी मनोकामनाएं पूरी हो जाती हैं. दिसंबर माह में मार्गशीर्ष के शुक्ल पक्ष का प्रदोष व्रत और पौष माह के कृष्ण पक्ष का प्रदोष व्रत पड़ेगा. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार सप्ताह के सातों दिन के प्रदोष व्रत का अपना विशेष महत्व होता है. प्रदोष व्रत में प्रदोष काल में पूजा का विशेष महत्व होता है.

क्या है प्रदोष व्रत का महत्व

माना जाता है कि गुरु प्रदोष व्रत रखने से शादीशुदा जीवन में खुशहाली आती है. गुरु प्रदोष व्रत मुख्यत: महिलाएं रखती हैं. वहीं यह भी मान्यता है कि शनि प्रदोष व्रत करने से व्यक्ति को उत्तम संतान की प्राप्ति होती है. कहते हैं कि भगवान शिव भक्तों की भक्ती से प्रसन्न होकर भक्तों के दुख दूर करते हैं और उनकी सभी मनोकामनाएं पूर्ण करते हैं.

कब है प्रदोष व्रत की तारीख और मुहूर्त

प्रदोष व्रत डेट- मार्गशीर्ष शुक्ल पक्ष

-16 दिसंबर, 2021, गुरुवार
-गुरुवार को पड़ने वाले प्रदोष व्रत को गुरु प्रदोष व्रत कहा जाता है।
-मार्गशीर्ष, शुक्ल त्रयोदशी प्रारम्भ – 02:01 ए एम, दिसम्बर 16
-मार्गशीर्ष, शुक्ल त्रयोदशी समाप्त – 04:40 ए एम, दिसम्बर 17
प्रदोष काल- 05:27 सुबह से 08:11 रात्रि

पौष कृष्ण पक्ष प्रदोष व्रत की तारीख-

-31 दिसंबर, 2021, शुक्रवार
-शुक्रवार को पड़ने वाले प्रदोष व्रत को शुक्र प्रदोष व्रत कहा जाता है
-पौष, कृष्ण त्रयोदशी प्रारम्भ – 10:39 ए एम, दिसम्बर 31
-पौष, कृष्ण त्रयोदशी समाप्त – 07:17 ए एम, जनवरी 01

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