फैटी लीवर होने के क्या लक्षण दिखाई देते हैं?

शुरुआत में बिना गहन जांच किये, फैटी लिवर होने के लक्षण दिखाई नहीं देते हैं। जब दिखाई देने शुरू होते हैं तब तक बहुत देर हो चुकी होती है। इस बीमारी में लिवर का वह भाग जो कि चिकनाई से प्रभावित हुआ है, वह किसी भी दवाई से सही नही होता है। हाँ डॉक्टर्स इसका इलाज करते हैं कि उस हिस्से के अलावा लिवर के किसी हिस्से में यह न फैले। मैं स्वयं के बारे में ही बता रहा हूँ कि मेरा लिवर 30 प्रतिशत फैटी है। डॉक्टरों के अनुसार मेरे द्वारा अत्यधिक मात्रा में शराब का सेवन करना, लिवर फैटी होने का प्रमुख कारण था। डॉक्टरों द्वारा अल्ट्रा साउंड करवाने के उपरांत ही इस बीमारी का पता चला था।

मुझे लगभग एक महीने से भूख लगनी बंद हो गई थी। मैं कुछ भी खाता था तो वह वॉमिटिंग के द्वारा बाहर निकल जाता था। अगर वॉमिटिंग के बाद भी खाने का कुछ हिस्सा पेट में चला जाता था तो वह भी तुरंत शौच के रास्ते बाहर निकल जाता था। मेरा वजन मात्र एक ही महीने में 28 किलोग्राम कम हो गया था। मुझे बेड रूम से शौचालय तक जाने पर भी चक्कर आते थे। पूरा शरीर पीला पड़ गया था। उस समय मेरी माता जी जीवित थी जो कि आयुर्वेदिक पद्यति से इलाज करवाने में विश्वास करती थी। हमारे पारिवारिक डॉक्टर ने भी यही बताया कि मुझे जोंडिक्स हो गया है। मेरी माता जी ने कई बार मुझे पीलिया सही करवाने के लिए झाड़ा लगवाया। कई आर्युवेदिक दवाइयों का मुझे सेवन करना पड़ा। परंतु सेहत में कोई भी सुधार नहीं हो रहा था बल्कि तबियत और खराब होती जा रही थी। आखिरकार मैंने मैक्स सुपर स्पेशलिस्ट हॉस्पिटल, साकेत के गेस्ट्रोलॉजी विभाग में डॉक्टर राकेश कुमार श्रीवास्तव की देखरेख में अपना इलाज शुरू करवाया। अल्ट्रासाउंड से साबित हो गया था कि मेरा लिवर चिकनाई के कारण 16 mm से ज्यादा बढ़ गया था तथा 30 प्रतिशत शक्तिग्रस्त हो गया था। उसके उपरांत मेरी एंडोस्कोपी करवाई गई कि इसके अलावा तो कोई अन्य ऑर्गन प्रभावित नही हुआ है। परंतु भगवान की कृपा से बस लिवर ही प्रभावित हुआ था। डॉक्टर ने नुझे साफ साफ बता दिया था कि जो हिस्सा शक्तिग्रस्त हो गया है वह अब सही नही होगा परंतु दवाइयों तथा परहेज के कारण के कारण और ज्यादा खराब नही होगा। इसके लिए उन्होंने मुझे सबसे पहले तो शराब का सेवन करने से मना किया तथा बताया कि इस हालत में शराब जहर के समान है। अधिक मसाले तथा तैलीय भोजन खाने के लिए मना कर दिया। मुझे लगभग दो साल से भी ज्यादा समय हो गया है परंतु परहेज करने तथा दवाई सही समय पर लेने के कारण मेरी तबियत में सुधार होना शुरू हो गया। मैं अन्न के नाम पर मात्र, दलिया, खिचड़ी के साथ मौसमी फलों का सेवन कर रहा हूँ एवं जीवन भर यही खाना पड़ेगा।

इसलिए मैं लोगो को सलाह देना चाहता हूं कि वह शराब, चिकनाई तथा कैलेस्ट्रोल बढ़ाने वाले खाद्य पदार्थों का सेवन न करे।

    ssss

    Leave a Comment

    Related posts