शोध : दो विटामिन की कमी से लकवा के शिकार हो रहे युवा

युवाओं में खासकर 40 से कम उम्र में लकवा मारने का केस बढ़ गया है।शरीर के लकवाग्रस्त हो जाने पर बीमार व्यक्ति को काफी असुविधा का सामना करना पड़ सकता है और पैरालिसिस का इलाज भी जटिल प्रक्रिया है।

युवाओं में खासकर 40 से कम उम्र में लकवा मारने का केस बढ़ गया है। आईजीआईएमएस में जो भी केस आए हैं, उनका डायग्नोसिस होने के बाद यह तथ्य सामने आया है कि अधिकतर युवाओं में होमो-15 बढ़ा हुआ था, जो एक तरह का फैक्टर है। ऐसा तब होता है जब शरीर में विटामिन बी-12 और बी कॉम्प्लेक्स की कमी हो जाती है। यह पूरी तरह से जीवनशैली में आए बदलाव का साइड इफेक्ट है। फिलहाल खान-पान में बदलाव इसका कारण माना जा रहा हैं।

ठंड के समय बढ़ते हैं मरीज

ठंड के समय में ब्रेन स्ट्रोक और लकवा के मरीजों की संख्या बढ़ जाती है। इस समय ब्लड प्रेशर और मधुमेह को नियंत्रित नहीं कर पाना एक बड़ा कारण है। ऐसे मरीजों की चाहिए कि वे अपना बीपी और मधुमेह को नियंत्रण में रखें। नियमित तौर पर दवा लेते रहना चाहिए और ठंड से बच कर रहना है। खासकर बुजुर्ग और बच्चों को बचाकर रखना है। पीएमसीएच के मुख्य आकस्मिक चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. अभिजीत सिंह ने बताया कि ऐसे मरीजों की संख्या हमेशा अधिक रहती है। ठंड में ऐसे मरीजों की संख्या बढ़ जाती है।

ब्रेन स्ट्रोक और लकवा के 67 मरीज

आईजीआईएमएस के न्यूरो विभाग में ब्रेन स्ट्रोक और लकवा के मरीजों की संख्या बढ़कर 67 हो गई है। इसमें सबसे अधिक ब्रेन स्ट्रोक और लकवा के मरीज हैं। अस्पताल के न्यूरो विभाग में 33 बेड हैं लेकिन भर्ती मरीजों की संख्या क्षमता से दोगुनी है। वहीं ओपीडी में प्रत्येक दिन 300 से अधिक न्यूरो के मरीज आ रहे हैं। विभागाध्यक्ष डॉ. अशोक कुमार ने बताया कि ठंड के दिनों में रात बड़ी होती है। इस समय सोने का समय बढ़ जाता है। इससे शरीर में रक्त प्रवाह धीमा हो जाता है, जिससे रक्त का थक्का जमने की आशंका बढ़ जाती है। वहीं लोगों के शारीरिक अभ्यास में काफी कमी हो जाती है। बच्चों में न्यूमोनिया होने से फेफड़ा संक्रमित होने से लकवा मारने की आशंका बढ़ जाती है।

क्या है होमो-15 फैक्टर

डॉ. अशोक कुमार ने बताया कि शरीर में सुतंलित मात्रा में विटामिन के रहने से होमो-15 फैक्टर नहीं बढ़ता है। वहीं पालक, दूध और हरी सब्जी खाने से शरीर में पर्याप्त मात्रा में विटामिन मिलने से होमो-15 को कम करता है। डॉ. अशोक ने बताया कि विटामिन बी-12 और बी कॉम्प्लेक्स शरीर में कम नहीं होना चाहिए। आईजीआईएमएस में कम उम्र के युवाओं में लकवा क्यों हो रहा है, इस पर शोध किया जा रहा है। अभी दो साल का समय और लगेगा। पिछले एक महीने से ऐसे मरीजों का मेडिकल इतिहास एकत्रित किया जा रहा है।

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